- 2016 : पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) ने राज्य स्तरीय चयन परीक्षा की भर्ती प्रक्रिया शुरू की।
- 22 अप्रैल, 2024 : कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा प्रायोजित और सहायता प्राप्त स्कूलों में 25,753 शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति को रद्द कर दिया। अदालत ने चयन प्रक्रिया को अमान्य घोषित किया, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच के आदेश दिए।
- 29 अप्रैल, 2024: पश्चिम बंगाल ने उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया। उच्चतम न्यायालय ने भर्ती घोटाला मामले में सीबीआई जांच के लिए उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाई। हालांकि उसने नियुक्ति रद्द करने संबंधी उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक से इनकार किया।
- 7 मई : उच्चतम न्यायालय ने नियुक्तियों को अमान्य करार देने वाले उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाई।
- 16 जुलाई : शीर्ष अदालत ने पश्चिम बंगाल सरकार सहित अन्य वादियों को जवाब दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया।
- 19 दिसंबर : सर्वोच्च न्यायालय ने अंतिम सुनवाई शुरू की, राज्य सरकार से सवाल किया कि उसने गलत लोगों को हटाने के बजाय अतिरिक्त पद क्यों सृजित किए।
- 15 जनवरी, 2025 : कुछ वादियों ने कहा कि सभी नियुक्तियों को रद्द करने से बेदाग उम्मीदवारों के जीवन और आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
- 27 जनवरी : कुछ अन्य वादियों ने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण पूरी चयन प्रक्रिया दोषपूर्ण हो गई और राज्य अवैध नियुक्तियों को संरक्षित करना चाहता है।
- 10 फरवरी : उच्चतम न्यायालय ने 127 याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रखा और कहा कि जिन लोगों को गलत तरीके से नौकरी मिली है, उन्हें हटाया जा सकता है।
- 3 अप्रैल : उच्चतम न्यायालय ने राज्य द्वारा संचालित और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में 25,753 शिक्षकों एवं अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति को अमान्य करार दिया और नए सिरे से चयन प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया। (भाषा)
Edited By : Chetan Gour
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