तेरी तरहां कभी मैं रूठ गया तो, मनावोगी मुझको तुम किस तरहां
गर मैं कभी नाराज हो गया तो, हंसावोगी मुझको तुम किस तरहां।।
तेरी तरहां कभी मैं रूठ गया तो-----------------।।
समझो इसे तुम अपनी खुशनसीबी, नाराज दिल तुमसे होता नहीं है।
रहता है खुश यह हमेशा यूँ तुमसे, तुमसे शिकायत इसको नहीं है।।
लेकिन कोई शक तुम बेवजहां, करना कभी नहीं मुझ पर तुम।
शक कोई तुम पर मुझे हो गया तो, मिटावोगी शक मेरा तुम किस तरहां।।
तेरी तरहां कभी मैं रूठ गया तो------------------।।
ख्वाहिश तुम्हारे दिल में हो कोई, कह दो मुझसे तुम घबराये बिना।
रखो नहीं तुम दर्द को छुपाकर, कह दो तुम, जो कुछ है कहना।।
तुम्हारे सिवा नहीं मेरा कोई सपना, हर खुशी तुम हो मेरे जीवन की।
तेरी तरहां कभी रोने लगे गया तो, बहलाओगी मुझको तुम किस तरहां।।
तेरी तरहां कभी मैं रूठ गया तो------------------।।
देखो मैंने तुम्हारे लिए, बिछाये हैं राहों में फूल कितने प्यारे।
नाराज मुझसे तुम होना नहीं, सजाये हैं तेरी मांग में सितारें।।
मुझसे कभी तुम नहीं रूठना, मुझसे कभी तुम दूर जाना नहीं।
कभी तुमसे मैं दूर चला गया तो, बुलावोगी वापिस मुझे तुम किस तरहां।
तेरी तरहां कभी मैं रूठ गया तो-------------------।।
- गुरुदीन वर्मा (जी.आज़ाद) ,जिला-बारां (राजस्थान)
You may also like
म्यांमार: बीबीसी ने भूकंप प्रभावित इलाक़े मांडले में क्या देखा?
निम्बू में मिलाएं ये 3 चूर्ण, कट जाएगा लिवर का हर रोग ⁃⁃
प्रधानमंत्री ने रामनाथस्वामी मंदिर में पूजा अर्चना की
बलरामपुर : ट्रेलर और मोटरसाइकिल में भिड़ंत , युवक की माैके पर माैत, परिजनों ने किया चक्का जाम
हींग का पानी करे इन 9 रोगों का खात्मा| हींग का पानी पीने के फायदे ⁃⁃