राजस्थान के कोटा जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने देर रात एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रिश्वतखोरी के एक मामले में दो कांस्टेबलों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह पूरा मामला दादाबाड़ी थाने में प्रकाश में आया है। दोनों कांस्टेबलों ने मारपीट के एक मामले में शिकायतकर्ता के बेटों को बचाने के बदले 30,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। सत्यापन के बाद एसीबी ने देर रात जाल बिछाकर दोनों कांस्टेबलों को गिरफ्तार कर लिया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार ने बताया कि परिवादी ने 31 मार्च को एसीबी में आवेदन देकर बताया था कि उसके दो बेटों के खिलाफ दादाबाड़ी थाने में मारपीट का मामला दर्ज हुआ है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी लंबित है। परिवार के बेटों को राहत दिलाने के लिए दो कांस्टेबल बनवीर आचार्य और मनीष कुमार जांगिड़ ने रिश्वत की मांग की। जांच में पता चला कि कांस्टेबलों ने शिकायतकर्ता से 30,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी।
मामले की पुष्टि होने के बाद शिकायतकर्ता बुधवार देर रात 10 हजार रुपये लेकर थाने से थोड़ी दूरी पर पहुंच गया। जहां उसने दोनों कांस्टेबलों को 10 हजार रुपए दे दिए। जैसे ही परिवादी ने इशारा किया, एसीबी टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों कांस्टेबल वर्ष 2018 में भर्ती हुए थे। एसीबी ने बताया कि कांस्टेबल द्वारा रिश्वत लेने के मामले की जांच सब इंस्पेक्टर कर रहे हैं।
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