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कभी मिलती है लाश तो कभी इंसान गायब... वीडियो में देखें राजस्थान का ऐसा गांव जहां आज भी रहस्यमयी 'खौफ'

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भारत में कई ऐसे स्थान हैं जो अपने रहस्यों और किंवदंतियों के लिए प्रसिद्ध हैं। राजस्थान का कुलधरा गाँव भी उन्हीं में से एक है। जैसलमेर के पास स्थित यह गाँव अपनी भूतिया कहानियों, वीरान गलियों और इतिहास के अनसुलझे रहस्यों के लिए जाना जाता है।

कुलधरा का इतिहास

कुलधरा गाँव की स्थापना लगभग 13वीं शताब्दी में पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा की गई थी। पालीवाल ब्राह्मण अपनी बुद्धिमत्ता, व्यापारिक कुशलता और जल प्रबंधन तकनीकों के लिए प्रसिद्ध थे। कहा जाता है कि यह गाँव अपने समय में एक समृद्ध बस्ती थी, जहाँ लोग खुशहाल जीवन व्यतीत करते थे।

पालीवाल ब्राह्मणों ने इस क्षेत्र में कई गाँव बसाए थे, लेकिन कुलधरा सबसे महत्वपूर्ण गाँवों में से एक था। यहाँ के निवासी कृषि और व्यापार में निपुण थे और उन्होंने इस रेगिस्तानी क्षेत्र में जल संरक्षण की उन्नत तकनीकें विकसित की थीं।

कुलधरा के उजड़ने की कहानी

कुलधरा का वीरान होने का रहस्य आज भी लोगों के लिए आश्चर्यजनक बना हुआ है। लोककथाओं के अनुसार, जैसलमेर के तत्कालीन दीवान सालम सिंह की नजर कुलधरा के एक ब्राह्मण परिवार की सुंदर बेटी पर पड़ गई। वह उस युवती से विवाह करना चाहता था और इसके लिए उसने गाँववासियों पर दबाव डालना शुरू कर दिया।

पालीवाल ब्राह्मण अपनी इज्जत और स्वाभिमान के लिए प्रसिद्ध थे। उन्होंने दीवान की इस क्रूर इच्छा के आगे झुकने के बजाय एक अभूतपूर्व निर्णय लिया। एक ही रात में कुलधरा और इसके आसपास के 84 गाँवों के लोग अपना घर-बार छोड़कर कहीं चले गए। किसी को पता नहीं कि वे लोग कहाँ गए और क्यों उन्होंने कभी वापस लौटने का प्रयास नहीं किया।

कुलधरा का शाप

कहते हैं कि गाँव छोड़ने से पहले पालीवाल ब्राह्मणों ने इस भूमि को शाप दिया कि यहाँ कोई भी दोबारा बस नहीं पाएगा। आज भी यह गाँव वीरान पड़ा है, और जो भी यहाँ बसने का प्रयास करता है, उसे असफलता ही हाथ लगती है। कई लोगों ने यहाँ घर बसाने की कोशिश की, लेकिन वे रहस्यमयी घटनाओं और अजीबोगरीब अनुभवों के कारण इसे छोड़कर चले गए।

कुलधरा: एक भूतिया गाँव

कुलधरा को भारत के सबसे भूतिया स्थानों में से एक माना जाता है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों के अनुसार, यहाँ रात में अजीब आवाजें सुनाई देती हैं। कभी-कभी लोगों को ऐसा लगता है कि कोई अदृश्य शक्ति उनके आसपास घूम रही है। कुछ पर्यटकों ने यह भी दावा किया है कि उन्होंने यहाँ पर छायाएँ देखी हैं और किसी अनजान शक्ति को महसूस किया है।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने भी इस स्थान को संरक्षित स्मारक घोषित किया है, और रात में यहाँ रुकने की अनुमति नहीं दी जाती।

कुलधरा की वास्तुकला

हालांकि यह गाँव अब वीरान है, लेकिन इसकी वास्तुकला आज भी इसकी समृद्धि और उन्नत तकनीकों का प्रमाण देती है। यहाँ के घर पीले बलुआ पत्थरों से बने हैं, जो जैसलमेर की स्थापत्य कला को दर्शाते हैं। घरों की बनावट इस प्रकार की गई थी कि वे गर्मी में ठंडे और सर्दी में गर्म रहते थे।

पालीवाल ब्राह्मणों ने जल संरक्षण की उन्नत तकनीक अपनाई थी, जिससे वे इस रेगिस्तानी क्षेत्र में भी पानी की कमी से बच सकते थे। गाँव की गलियाँ चौड़ी और सुव्यवस्थित हैं, जिससे उस समय की नगर योजना का पता चलता है।

पर्यटकों के लिए आकर्षण

आज कुलधरा गाँव एक पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। हर साल हजारों पर्यटक यहाँ आते हैं और इस रहस्यमयी स्थान का अनुभव करते हैं। राजस्थान सरकार ने इस गाँव को संरक्षित कर इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया है। यहाँ पर एक प्रवेश द्वार बनाया गया है, जहाँ से पर्यटकों को प्रवेश टिकट लेना पड़ता है।

पर्यटक गाँव की गलियों में घूमकर इसके इतिहास और भूतिया कहानियों का अनुभव कर सकते हैं। साथ ही, यहाँ पर कई गाइड भी उपलब्ध हैं जो इस स्थान की रहस्यमयी कहानियों को विस्तार से सुनाते हैं।

कुलधरा से जुड़े रोचक तथ्य
  • एक रात में पूरा गाँव खाली – यह माना जाता है कि कुलधरा और इसके 84 गाँवों के लोग एक ही रात में कहीं चले गए, और इसके पीछे का रहस्य आज भी अनसुलझा है।

  • भूतिया घटनाएँ – कई पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने यहाँ असाधारण घटनाएँ घटने का दावा किया है, जैसे अजीब आवाजें, छायाएँ और रहस्यमयी ऊर्जा।

  • जल संरक्षण तकनीक – पालीवाल ब्राह्मणों ने जल संरक्षण की उत्कृष्ट तकनीक अपनाई थी, जिससे वे रेगिस्तान में भी समृद्ध जीवन व्यतीत कर सकते थे।

  • फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री में प्रदर्शित – कुलधरा गाँव पर कई डॉक्यूमेंट्री और बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है, जिससे इसकी प्रसिद्धि और बढ़ गई है।

  • निष्कर्ष

    कुलधरा सिर्फ एक गाँव नहीं, बल्कि एक रहस्य है जिसे आज तक कोई नहीं सुलझा पाया। यह स्थान इतिहास, वास्तुकला और रहस्यों का संगम है। चाहे यह गाँव सच में शापित हो या नहीं, लेकिन इसकी कहानियाँ और यहाँ का वातावरण किसी को भी रोमांचित करने के लिए काफी हैं। यदि आप कभी जैसलमेर जाएँ, तो इस रहस्यमयी गाँव को देखने अवश्य जाएँ और इसकी अनसुलझी पहेली का अनुभव करें।

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