ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों को नया पक्का मकान बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) 2.0 के लिए जिले में बड़े पैमाने पर सर्वेक्षण चल रहा है। इस योजना के तहत आवेदन करने की अंतिम तिथि अब 30 अप्रैल तक बढ़ा दी गई है, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवार इसका लाभ उठा सकें। अब तक जिले के सभी सात खंडों से 6,163 आवेदन प्राप्त हुए हैं। उपायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि यह योजना उन ग्रामीण परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है, जिनके पास अपना पक्का मकान नहीं है या वे जीर्ण-शीर्ण व अस्थाई मकानों में रहने को मजबूर हैं। प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले में कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि पीएमएवाई-जी का उद्देश्य जरूरतमंदों के लिए पक्का मकान का सपना पूरा करना और परिवारों को सुरक्षित व सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है। उन्होंने अधिकारियों को सर्वे प्रक्रिया में तेजी लाने तथा प्रत्येक पात्र लाभार्थी को योजना में शामिल करने के निर्देश दिए, ताकि जिले के ग्रामीण परिवारों का आवासीय सपना साकार हो सके।
जिला परिषद के सीईओ मनीष फोगट ने बताया कि योजना के लिए सर्वे का कार्य मिशन मोड पर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ग्राम सचिवों की टीम गांवों में घर-घर जाकर पात्र परिवारों की पहचान कर उनके आवेदन दर्ज कर रही है। जिन परिवारों के पास पक्के मकान नहीं हैं या जो जीर्ण-शीर्ण मकानों में रहते हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है। सरकारी सर्वेक्षक इन परिवारों के मकानों का निरीक्षण कर उनकी पात्रता निर्धारित करेंगे।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण स्वयं भी "आवास प्लस" मोबाइल एप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत पक्के मकान बनाने के लिए लाभार्थियों को तीन किस्तों में कुल 1.38 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। पहली किस्त 45,000 रुपये, दूसरी 60,000 रुपये तथा तीसरी 33,000 रुपये की है।
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