इंटरनेट डेस्क। काम काज के लिहाज से इस बार का बजट सत्र बहुत ही शानदार रहा है। संसद के बजट सत्र में इस बार खूब काम हुए। इस सत्र को काफी उत्पादक माना जा रहा है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने घोषणा की कि लोकसभा की उत्पादकता 118 प्रतिशत रही, जबकि राज्यसभा की उत्पादकता 119 प्रतिशत रही। दोनों सदनों ने विशेष रूप से वक्फ (संशोधन) बिल और मणिपुर में राष्ट्रपति शासन के प्रस्ताव पर लंबी बहस की।
बना इतिहास भी
मीडिया रिपोटर्स की माने तो लोकसभा ने केंद्रीय वक्फ कानून में संशोधन पर 13.53 घंटे चर्चा की और बिल को सुबह 2 बजे के बाद मंजूरी दी। राज्यसभा ने भी इस बिल पर 12.49 घंटे चर्चा की और इसे लगभग 2.30 बजे मंजूरी दी। दोनों सदनों ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन पर बहस की, जो दशकों बाद हुई एक दुर्लभ घटना थी। बता दें की इतनी देर रात काम होना भी एक इतिहास है।
31 जनवरी से शुरू हुआ था सत्र
यह सत्र 31 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के भाषण से शुरू हुआ था, जो कि 10 बिलों को मंजूरी देने के बाद समाप्त हुआ। ओम बिरला ने अपने समापन भाषण में बताया कि लोकसभा ने इस सत्र के दौरान 26 बैठकें आयोजित कीं और कुल 160 घंटे 48 मिनट काम किया। राज्यसभा ने 159 घंटे काम किया। इस सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण, बजट और वक्फ बिल पर लंबी बहसें हुईं।
pc- newsbytesapp.com
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