3 अप्रैल को सुबह 1:56 बजे मंगल कर्क राशि में प्रवेश करेगा। इसके बाद, 12 अप्रैल को सुबह 6:32 बजे यह पुष्य नक्षत्र में चले जाएगा, जिसका स्वामी शनिदेव हैं। मंगल का यह नक्षत्र परिवर्तन सभी 12 राशियों पर प्रभाव डालेगा। कर्क राशि में मंगल की ऊर्जा थोड़ी कमजोर मानी जाती है, जिससे इसका भावनात्मक और सुरक्षात्मक प्रभाव बढ़ता है।
पुष्य नक्षत्र का महत्व
पुष्य नक्षत्र को शुभ और स्थायी फलदायी माना जाता है। इसके प्रभाव से मंगल की उग्रता नियंत्रित होती है और इसका प्रभाव अधिक व्यावहारिक बनता है। शनिदेव का स्वभाव अनुशासन और धैर्य से जुड़ा होता है, जिससे व्यक्ति को सोच-समझकर निर्णय लेने में मदद मिलती है। जब मंगल पुष्य नक्षत्र में होता है, तो व्यक्ति अपनी मेहनत के आधार पर अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकता है। आइए जानते हैं कि यह गोचर किस राशि के लिए विशेष रहेगा।
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए मंगल का नक्षत्र परिवर्तन तीसरे भाव में होगा। इससे उनके साहस और परिश्रम में वृद्धि होने की संभावना है। यह नया कार्य शुरू करने या बड़े लक्ष्यों को हासिल करने का सही समय है। यात्रा से भी लाभ मिलने की संभावना है।
सिंह राशि
यह गोचर सिंह राशि के 12वें भाव को प्रभावित करेगा, जो व्यय और विदेशी मामलों से संबंधित है। इस समय किए गए निवेश से आपको अच्छा लाभ मिलेगा। इसके अलावा, विदेश यात्रा में भी सफलता मिलने की संभावना है। आध्यात्मिक विकास और गुप्त ज्ञान में रुचि बढ़ सकती है।
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