अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ से पूरी दुनिया में हंगामा मच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने विदेश से आने वाली कारों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है। इसका सबसे बड़ा असर भारत की अग्रणी कंपनी टाटा मोटर्स की सहायक कंपनी जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) पर देखने को मिला है, क्योंकि अमेरिका जेएलआर के लिए एक प्रमुख बाजार है।
कंपनी नए रास्ते तलाश रही है!
पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका में जेएलआर वाहनों की मांग भी तेजी से बढ़ी है। अब जेएलआर ने भी टैरिफ पर अमेरिका को करारा जवाब देने का फैसला किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जगुआर लैंड रोवर ने टैरिफ के प्रभाव से निपटने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका को अपनी ब्रिटिश निर्मित कारों की शिपमेंट अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है। ब्रिटेन की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनियों में से एक जेएलआर सोमवार से यह कदम उठाने जा रही है। इसके अलावा, कंपनी 25 प्रतिशत अमेरिकी आयात शुल्क की लागत को कम करने के तरीकों पर भी काम कर रही है।
अब कंपनी का अगला कदम क्या होगा?
गौरतलब है कि कंपनी फिलहाल एक महीने के लिए शिपमेंट रोक सकती है। जेएलआर के ब्रिटेन में 38,000 कर्मचारी हैं। फिलहाल कंपनी ट्रम्प के टैरिफ युद्ध से अपने कारोबार को हुए नुकसान का आकलन करने की कोशिश कर रही है। कहा जा रहा है कि जेएलआर के पास पहले से ही अमेरिका को दो महीने की आपूर्ति के लिए कारों का स्टॉक है, जिस पर नए टैरिफ का कोई असर नहीं पड़ेगा। कंपनी को ब्रिटेन से अमेरिका तक वाहन भेजने में लगभग 21 दिन लगते हैं। उम्मीद है कि इस बीच कंपनी कोई नया रास्ता तलाशने में सफल हो जाएगी।
अमेरिका में जगुआर लैंड रोवर कारों की भारी मांग
अमेरिकी सरकार ने आयातित कारों पर 25% टैरिफ लगाया है, जो गुरुवार से प्रभावी हो गया। अमेरिका में जगुआर लैंड रोवर कारों की भारी मांग है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले कुछ वर्षों में ब्रांड की बिक्री में काफी वृद्धि हुई है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2024 में अमेरिका में 4,31,733 वाहन बेचे, जो 2018 में बेची गई 1,22,626 इकाइयों से 22% अधिक है।
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