News India Live, Digital Desk: राजस्थान के बाड़मेर जिले से एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जो रिश्तों के ताने-बाने और कानून के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यहाँ एक महिला ने अपने ससुर पर दुष्कर्म जैसा गंभीर और घिनौना आरोप लगाकर पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया था। ससुर-बहू के पवित्र रिश्ते को शर्मसार करने वाली इस खबर को जिसने भी सुना, वह सन्न रह गया।क्या था पूरा मामला?बाड़मेर के एक गांव की रहने वाली एक विवाहिता ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका ससुर ही उसकी इज्जत का दुश्मन बन बैठा है। महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति की गैरमौजूदगी में उसके ससुर ने उसके साथ जबरदस्ती की।यह आरोप इतना गंभीर था कि पुलिस ने भी इसे पूरी संवेदनशीलता के साथ लिया और फौरन मामले की जांच के लिए एक टीम गठित कर दी। जांच की जिम्मेदारी एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को सौंपी गई।जब जांच में खुली एक बड़ी साजिश की पोलपुलिस ने जब इस मामले की गहराई से जांच शुरू की, तो परत-दर-परत एक ऐसी कहानी सामने आने लगी, जो आरोप से बिल्कुल अलग थी। पुलिस ने महिला, उसके पति, ससुर और परिवार के अन्य लोगों के बयान दर्ज किए। आस-पड़ोस के लोगों से भी पूछताछ की गई और सबूत जुटाए गए।जांच में जो सच सामने आया, उसने पुलिस को भी चौंका दिया। पुलिस ने पाया कि बहू द्वारा ससुर पर लगाया गया दुष्कर्म का आरोप पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठा था।क्यों रचा गया था यह घिनौना खेल?पुलिस के अनुसार, इस झूठे आरोप के पीछे की असली वजह एक पारिवारिक विवाद थी। दरअसल, आरोपी महिला अपने पति पर लगातार यह दबाव बना रही थी कि वह अपने माता-पिता को छोड़कर उसके साथ भीलवाड़ा शहर में आकर रहे। लेकिन उसका पति अपने बूढ़े माँ-बाप को अकेले छोड़ने के लिए तैयार नहीं था।जब पति ने उसकी बात नहीं मानी, तो पत्नी ने अपने ससुराल वालों को सबक सिखाने और उन पर दबाव बनाने के लिए यह खौफनाक साजिश रच डाली। उसे लगा कि ससुर पर इतना गंभीर आरोप लगाने के बाद पूरा परिवार डर जाएगा और उसकी बात मानने को मजबूर हो जाएगा।अब बहू पर ही गिरेगी गाजसच सामने आने के बाद, बाड़मेर पुलिस ने इस मामले को झूठा करार देते हुए फाइल बंद कर दी है। साथ ही, कानून का ऐसा घिनौना मजाक बनाने और एक निर्दोष व्यक्ति की इज्जत को दांव पर लगाने के जुर्म में अब पुलिस उस महिला के खिलाफ ही कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। यह मामला उन लोगों के लिए एक बड़ा सबक है जो अपने निजी स्वार्थ के लिए कानून को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने से भी नहीं हिचकिचाते।
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