नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आयोजित BIMSTEC के छठे शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया और कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने भारत के यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) को BIMSTEC सदस्य देशों की डिजिटल भुगतान प्रणालियों से जोड़ने का बड़ा प्रस्ताव रखा, जिससे व्यापार, पर्यटन और निवेश को नई रफ्तार मिलेगी।
UPI को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय विस्तारप्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को सशक्त करने पर जोर देते हुए कहा कि भारत, BIMSTEC देशों के साथ अपने अनुभव साझा करने के लिए तैयार है। उन्होंने सुझाव दिया कि डिजिटल भुगतान प्रणाली को लेकर एक पायलट स्टडी की जाए ताकि हर देश की जरूरतों को बेहतर समझा जा सके।
सम्मेलन में पीएम मोदी ने BIMSTEC चैंबर ऑफ कॉमर्स की स्थापना और हर साल एक बिजनेस समिट आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। साथ ही उन्होंने क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय मुद्राओं में व्यापार की संभावनाओं का अध्ययन करने की बात भी कही।
हाल ही में म्यांमार और थाईलैंड में आए शक्तिशाली भूकंप पर प्रधानमंत्री ने संवेदना जताई और आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए भारत में BIMSTEC डिजास्टर मैनेजमेंट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की घोषणा की। यह केंद्र आपदा से निपटने, राहत और पुनर्वास में अहम भूमिका निभाएगा।
आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त रणनीति की जरूरतप्रधानमंत्री मोदी ने BIMSTEC देशों के गृह मंत्रियों की बैठक को औपचारिक रूप देने का स्वागत किया और पहली बैठक की मेजबानी भारत में करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने साइबर अपराध, आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी और मानव तस्करी जैसी चुनौतियों के खिलाफ मिलकर लड़ने की जरूरत पर बल दिया।
व्यापार को नई दिशाPM मोदी ने एक खुले, सुरक्षित और समावेशी हिंद महासागर को प्राथमिकता बताते हुए समुद्री परिवहन समझौते का स्वागत किया। उन्होंने भारत में सतत समुद्री परिवहन केंद्र (Sustainable Maritime Transport Centre) की स्थापना का सुझाव भी दिया, जो रिसर्च, नीति समन्वय और समुद्री सुरक्षा में अहम योगदान देगा।
बैंकॉक विजन 2030शिखर सम्मेलन में ‘बैंकॉक विजन 2030’ को अपनाया गया, जो बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में साझा विकास, समावेशिता और सुरक्षा के लिए सदस्य देशों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि BIMSTEC को समय के साथ विकसित होना चाहिए ताकि यह मंच भविष्य की चुनौतियों और अवसरों का सफलतापूर्वक सामना कर सके।
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