पुणे के एक प्रतिष्ठित स्कूल में चपरासी तुषार सरोदे ने छात्राओं के चेंजिंग रूम में वीडियो बनाने का प्रयास किया। इस घटना की जानकारी छात्राओं ने अपने माता-पिता को दी, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सरोदे को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ पोक्सो अधिनियम और आईपीसी की धारा 77 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
घटना का विवरण
यह घटना 6 जनवरी को हुई, जब छात्राएं खेल के बाद चेंजिंग रूम में कपड़े बदलने गईं। चपरासी ने इस दौरान उनका वीडियो रिकॉर्ड किया। जब छात्राओं ने उसे देखा, तो उन्होंने उसे बाहर जाने के लिए कहा, लेकिन उसने मोबाइल कैमरा चालू कर दिया और उसे चेंजिंग रूम में लगे स्विच बोर्ड पर रख दिया। छात्राओं ने तुरंत उस वीडियो को डिलीट कर दिया.
पुलिस कार्रवाई
छात्राओं ने घर जाकर अपने माता-पिता को पूरी घटना बताई। इसके बाद, माता-पिता ने स्कूल के प्रधानाचार्य से संपर्क किया। प्रधानाचार्य ने चपरासी से पूछताछ की, जिसने पहले इनकार किया, लेकिन बाद में उसने वीडियो रिकॉर्डिंग करने की बात स्वीकार की. स्कूल प्रबंधन ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके परिणामस्वरूप चपरासी को गिरफ्तार किया गया.
सुरक्षा पर सवाल
यह घटना स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती है। चपरासी जैसे कर्मचारियों द्वारा इस प्रकार की हरकतें छात्रों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.
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