आजकल की तेज़-तर्रार जीवनशैली और अस्वस्थ खानपान के कारण हमारे पाचन तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। गट हेल्थ का तात्पर्य है पेट और आंतों का स्वास्थ्य, जो न केवल पाचन के लिए बल्कि हमारे इम्यून सिस्टम, मानसिक स्वास्थ्य और समग्र स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है। फिर भी, लोगों में गट हेल्थ के प्रति जागरूकता की कमी है। इस विषय पर जानकारी की कमी के कारण, लोग अक्सर इसे नजरअंदाज कर देते हैं। इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए, हमने एक प्रसिद्ध डॉक्टर से बात की।
डॉ. अमरेंद्र सिंह पुरी, वाइस चेयरमैन, इंस्टीट्यूट ऑफ डाइजेस्टिव एंड हेपेटोबिलरी साइंसेज, मेदांता ने बताया कि एंटीबायोटिक्स का सेवन गट हेल्थ को कैसे प्रभावित करता है, और खराब गट हेल्थ के कारण कौन-कौन सी बीमारियाँ हो सकती हैं।
गट क्या है?
गट हेल्थ का मतलब है आंतों की सेहत। हमारे आंतों में जो माइक्रोबॉयोम होते हैं, वे हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। आंतों में अच्छे और बुरे बैक्टीरिया दोनों होते हैं, जो पाचन में मदद करते हैं और शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। गट हेल्थ हमारे समग्र स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
एंटीबायोटिक्स का प्रभाव
कई लोग गट हेल्थ में समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह नहीं लेते और सीधे एंटीबायोटिक्स का सेवन कर लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इससे आपकी गट हेल्थ पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है? बार-बार या लंबे समय तक एंटीबायोटिक्स लेने से डायरिया जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। ये दवाएँ न केवल संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारती हैं, बल्कि अच्छे बैक्टीरिया को भी नुकसान पहुँचाती हैं। इसलिए, एंटीबायोटिक्स का सेवन केवल डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए।
यदि आप इसे 5 से 6 दिन तक लेते हैं, तो ठीक है, लेकिन एक महीने तक लेने से गंभीर समस्याएँ हो सकती हैं।
खराब गट हेल्थ से जुड़ी बीमारियाँ
खराब गट हेल्थ कई बीमारियों का कारण बन सकता है, जैसे इन्फ़्लेमेटरी बाउल डिज़ीज़ (आईबीडी), इरिटेबल बाउल सिंड्रोम, मोटापा, डायबिटीज, लिवर की बीमारियाँ, हृदय रोग, कैंसर, एचआईवी और ऑटिज्म जैसी गंभीर समस्याएँ।
गट हेल्थ को प्रभावित करने वाले खाद्य पदार्थ
गट हेल्थ के खराब होने का मुख्य कारण अस्वस्थ खानपान है। आजकल लोग संतुलित आहार नहीं लेते और अक्सर जंक फूड और पैक्ड फूड का सेवन करते हैं, जिससे गट हेल्थ प्रभावित होती है।
गट हेल्थ को बनाए रखने के उपाय
गट हेल्थ को बनाए रखने के लिए समय पर भोजन करना आवश्यक है। संतुलित आहार में ताजे फल और सब्जियाँ शामिल करें। दही का सेवन करें, खासकर घर का बना हुआ, क्योंकि इसमें प्रोबायोटिक्स होते हैं जो गट के लिए फायदेमंद हैं। इसके अलावा, पानी की मात्रा बढ़ाना भी महत्वपूर्ण है।
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