Next Story
Newszop

माउंट आबू दिलवाड़ा जैन मंदिर की इतिहासिक यात्रा, वीडियो में जानिए क्यों है यह स्थान जैन समुदाय के लिए एक खास तीर्थ ?

Send Push

माउंट आबू, राजस्थान का एक प्रसिद्ध पर्वतीय स्थल, न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहाँ स्थित दिलवाड़ा जैन मंदिर भी एक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है। यह मंदिर जैन धर्म के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है और अपनी वास्तुकला और आंतरिक सजावट के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।

मंदिर का इतिहास

दिलवाड़ा जैन मंदिर का इतिहास 11वीं शताब्दी से जुड़ा हुआ है। इसे जैन समुदाय के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक माना जाता है। इस मंदिर का निर्माण वास्तुकला के महान कारीगरों द्वारा किया गया था, जो अपने समय की सर्वश्रेष्ठ कारीगरी का उदाहरण पेश करते हैं। यह मंदिर मुख्य रूप से पाँच प्रमुख मंदिरों का समूह है, जिनमें विमल वसाही, लूनवाणी, पुण्यवर्धन, तिर्यंच और आदिनाथ मंदिर शामिल हैं।

वास्तुकला और निर्माण शैली

दिलवाड़ा जैन मंदिर अपनी अद्वितीय वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर को सफेद संगमरमर से बनाया गया है, और इसकी आंतरिक और बाहरी सजावट अत्यधिक सटीक और सुंदर है। संस्कृत शैली में निर्मित इस मंदिर की छतें, स्तंभ और दीवारें अद्भुत नक्काशी से सजी हैं। हर एक कोण और हर एक चित्रण शुद्धता और सौंदर्य के एक उत्तम उदाहरण हैं। विशेष रूप से मंदिर का गर्भ गृह और मुख्य सभागृह अत्यंत आकर्षक हैं, जहां पर जैन धर्म के आदिनाथ भगवान की मूर्ति स्थापित है।

धार्मिक महत्व

दिलवाड़ा जैन मंदिर जैन धर्म के अनुयायियों के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। यहाँ पर हर साल लाखों भक्त पूजा करने और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आते हैं। इस मंदिर का धार्मिक महत्व विशेष रूप से इसलिए है क्योंकि यह आदिनाथ भगवान को समर्पित है, जो जैन धर्म के पहले तीर्थंकर माने जाते हैं। यहाँ पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान, मौन पूजा, स्नान और ध्यान साधना की जाती है। श्रद्धालु यहां आकर अपनी पूजा अर्चना करके मानसिक शांति और आत्मिक उन्नति की प्राप्ति करते हैं।

तीर्थ यात्रा और पर्यटक आकर्षण

दिलवाड़ा जैन मंदिर माउंट आबू के सबसे प्रमुख पर्यटक आकर्षणों में से एक है। यहां की आर्किटेक्चरल सुंदरता, शांति और वातावरण यात्रियों को आकर्षित करते हैं। विशेष रूप से धार्मिक यात्रियों के लिए यह स्थल एक प्रमुख तीर्थ स्थल है, वहीं यह स्थल इतिहास और वास्तुकला प्रेमियों के लिए भी एक आदर्श स्थान है। माउंट आबू की शांत वातावरण और यहाँ की हरी-भरी वादियों के बीच स्थित यह मंदिर एक ध्यान और आत्म-निर्माण का स्थल भी है।

पर्यटन और यात्रा की जानकारी

माउंट आबू पहुँचने के लिए पर्यटक राजस्थान और गुजरात के विभिन्न प्रमुख शहरों से सड़क मार्ग, रेल मार्ग और हवाई मार्ग से जुड़ सकते हैं। सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन अलवर है, जबकि सबसे नजदीकी हवाई अड्डा उदयपुर में स्थित है। माउंट आबू में यात्रियों के लिए कई होटलों और रिसॉर्ट्स की सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जहाँ वे ठहर सकते हैं। साथ ही, यहाँ पर पर्यटकों के लिए गाइड भी उपलब्ध होते हैं, जो उन्हें मंदिर और उसके इतिहास के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं।

Loving Newspoint? Download the app now